राजमा की ऑर्गेनिक खेती छोटे किसानों के लिए कम लागत और स्थायी आमदनी का बढ़िया साधन है। सही मिट्टी, देशी किस्में, जैविक खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण अपनाकर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। ये गाइड बीज से कटाई तक हर कदम को आसान, व्यावहारिक और मुनाफ़े वाला बनाने पर केंद्रित है। ऑर्गेनिक राजमा खेती: बीज से कटाई तक संपूर्ण गाइड

उपयुक्त समय और जलवायु :
उपयुक्त समय – अपने क्षेत्र के अनुसार राजमा की बुवाई जून–जुलाई में करें।
जलवायु— 15–25°C तापमान वाली ठंडी व समशीतोष्ण जलवायु सबसे बेहतर रहती है।
खेत की तैयारी और बुवाई की विधि :
खेत की जुताई – पहले खरपतवार हटाकर जमीन समतल करें। फिर हल्की नमी पर पहली जुताई करें ताकि मिट्टी ढीली हो जाए। इसके बाद मिट्टी के बड़े डले तोड़कर भुरभुरी बना लें, अंत में खेत में हल्की मेड़ें बनाएं ताकि पानी जमा न हो और जल निकासी सही रहे।
बीच का चयन – प्रमाणित, स्वस्थ, समान आकार वाले बीज चुनें, जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हों और जिनकी अंकुरण क्षमता अच्छी हो। रोग-ग्रस्त या पुराने बीज न लें।
बीच का उपचार – बीजों पर हल्का उपचार करके सुखा लें और बो दें। छोटे बीजों पर समान कोटिंग रखें। इससे रोग कम लगते हैं और अंकुरण बेहतर होता है।
खाद और उर्वरक प्रबंधन :
संतुलित खाद – मिट्टी जांच कराके उसी के हिसाब से ऑर्गेनिक खाद और हल्की मिनरल फर्टिलाइज़र मात्रा में दो, जरूरत से ज्यादा न डालो। संतुलन से पैदावार अच्छी रहती है और मिट्टी भी खराब नहीं होती।
उर्वरक इस्तेमाल का तरीका – मिट्टी जांच के हिसाब से ही उर्वरक दो, पैकेट निर्देश मानो, एक साथ ज्यादा न डालो, किस्तों में दो, सुबह-शाम डालो, और साथ में जैविक खाद मिलाओ।
सही देखभाल के बाद फसल समय पर तैयार होकर अच्छी उपज देती है। ऑर्गेनिक राजमा खेती: बीज से कटाई तक संपूर्ण गाइड PM-KISAN आधिकारिक वेबसाइट: https://pmkisan.gov.inगेंदा फूल की सुनहरी खेती: गाँव में भी कमाल शहर में भी धमाल



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